Vice President Trick

भारत के उपराष्ट्रपति ट्रिक | Vice President Of India Tricks

India Polity

भारत के उपराष्ट्रपति

Vice President Trick

 Trick:- उसका निकास शनि (Vice President Trick)

उ (Article-63) – उपराष्ट्रपति – भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।

स (Article-64)- सभापति – उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति होगा।

का (Article-65) कार्य- उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा।

नि (Article-66) निर्वाचन – उपराष्ट्रपति का निर्वाचन

का (Article-67) कार्यकाल- उपराष्ट्रपति का कार्यकाल

स (Article-68) समय – उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति को भरने का समय

श (Article-69) शपथ – उपराष्ट्रपति की शपथ

नि (Article-70) निर्वहन – राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन

Vice President Trick

Article 63 – भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।

Article 64 – भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होगा तथा उपराष्ट्रपति किसी लाभ के पद को धारण नहीं करेगा। जिस किसी अवधि के दौरान उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या राष्ट्रपति के कृतिय का निर्वहन करता है। उस समय उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य नहीं कर सकता है। इस दौरान उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में वेतन और भत्तों का हकदार नहीं होगा।

उपराष्ट्रपति का राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार

Article 65(1) – जब राष्ट्रपति के मृत्यु/पदत्याग/ पद से हटाए जाने/किसी अन्य कारणों से राष्ट्रपति का पद रिक्त होता है। उस समय उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के में कार्यभार संभालेगा। उपराष्ट्रपति यह कार्यभार तब तक संभालेगा जब तक नए राष्ट्रपति का निर्वाचन ना हो जाए।

Article 65(2) – जब राष्ट्रपति बीमारी/अनुपस्थिति/किसी अन्य कारण से अपने कार्यभार संभालने में असमर्थ रहता है। उस समय उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का कार्यभार संभालेगा। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल कब तक संभाल लेगा जब तक राष्ट्रपति अपने कार्यभार को संभालने के लिए उपस्थित न हो जाए।

Article 65(3) – जब उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति का पद संभालता है। उस समय वह राष्ट्रपति के सारे शक्ति और अधिकारों का उपयोग करेगा। वह राष्ट्रपति के समान वेतन, भत्ते, उपलब्धियों, विशेषाधिकार का हकदार होगा।

उपराष्ट्रपति का निर्वाचन

Article 66(1) – उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा। उपराष्ट्रपति के चुनाव में गुप्त मतदान किए जाएंगे। उपराष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

Article 66(2) – उपराष्ट्रपति संसद के किसी भी सदन (राज्यसभा और विधानसभा) या विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के किसी भी सदन का सदस्य नहीं हो सकता है। अगर प उपराष्ट्रपति किसी सदन का सदस्य है तो उपराष्ट्रपति के पद को धारण करने के दिन से ही उसकी यह सदस्यता रद्द मानी जाएगी।

Article 66(3) – कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति के योग्य तभी होगा जब वह: –

a) भारत का नागरिक हो।

b) 35 वर्ष की उम्र पूरी कर चुका हो।

c) राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो।

Article 66(4) – जो व्यक्ति केंद्र सरकार या राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद को धारण करता हो, वह उपराष्ट्रपति पद के लिए योग्य नहीं माना जाएगा।

Note- अनुच्छेद 66 में एक स्पष्टीकरण दिया गया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल तथा मंत्री (राज्य या केंद्र सरकार) के पद को लाभ का पद नहीं माना जाएगा। संविधान में “लाभ के पद” को कहीं भी परिभाषित नहीं किया गया है।

उपराष्ट्रपति का कार्यकाल

Article 67 – उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण करने की तारीख से 5 वर्ष तक पद को धारण करेगा। लेकिन

a) 5 वर्ष से पूर्व, राष्ट्रपति को त्यागपत्र दे सकता है। इस त्यागपत्र में उपराष्ट्रपति का हस्ताक्षर होना चाहिए।

b) 5 वर्ष से पूर्व, राज्यसभा में बहुमत से पारित संकल्प के द्वारा उप राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है। इस संकल्प में लोकसभा का सहमति जरूरी है। इस संकल्प के बारे में उपराष्ट्रपति को 14 दिन पूर्व जानकारी देना अनिवार्य है।

c) उपराष्ट्रपति अपने पद पर को तब तक धारण करेगा जब तक की नया उपराष्ट्रपति का चुनाव न कर लिया गया हो।

उपराष्ट्रपति की रिक्ति को भरने का समय

Article 68(1) – उपराष्ट्रपति के कार्यकाल खत्म होने से पहले रिक्ति को भरने के लिए नए उपराष्ट्रपति का निर्वाचन कर लिया जाएगा।

Article 68(2) – उपराष्ट्रपति के मृत्यु/ पदत्याग/पद से हटाए जाने की स्थिति में रिक्ति को यथाशीघ्र भरा जाएगा। नया उपराष्ट्रपति पदधारण के तारीख से 5 वर्ष तक की अवधि तक पद को धारण करेगा।

Article 69 – प्रत्येक उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति/उसके द्वारा नामित किसी व्यक्ति के समक्ष शपथ ग्रहण करेगा।

अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन

Article 70 – संसद को यह अधिकार होगा कि वह आकस्मिकता की स्थिति में (जो संविधान के इस भाग में लिखित न हो), उपराष्ट्रपति के लिए कानून बना सकेगा जिससे उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन कर सके।

राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित विवाद

Dispute Related to President/Vice President Election

Article 71(1) – राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित कोई भी विवाद उच्चतम न्यायालय सुलझाएगा और उच्चतम न्यायालय का Decision अंतिम माना जाएगा।

Article 71(2) – यदि उच्चतम न्यायालय राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन को शून्य घोषित कर देता है इस स्थिति में पद में रहते हुए राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति के द्वारा किए गए कार्य अमान्य नहीं होंगे।

Article 71(3) – राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित किसी विषय पर संसद कानून बना सकता है।

Article 71(4) – राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति के निर्वाचन को इस आधार पर कभी प्रश्नगत नहीं किया जा सकता है कि निर्वाचक मंडल के सदस्य कुछ कारणों से निर्वाचन में अनुपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति का वेतन

किसी भी व्यक्ति को उपराष्ट्रपति के रूप में वेतन नहीं मिलता है बल्कि उसे राज्यसभा का पदेन सभापति होने के कारण वेतन मिलता है। वर्तमान में उपराष्ट्रपति का वेतन ₹4लाख/प्रतिमाह है। उपराष्ट्रपति जब किसी अवधि में कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है तो वह राज्यसभा के सभापति को मिलने वाला वेतन नहीं पाता है, बल्कि उसे राष्ट्रपति को प्राप्त होने वाला वेतन व भत्ते मिलते हैं।

कार्यवाहक राष्ट्रपति

🐅 भारत के इतिहास में दो बार ऐसा समय आया जब राष्ट्रपतियों की मृत्यु उनके कार्यकाल में हुई थी (जाकिर हुसैन और फखरुद्दीन अली अहमद की), उस समय तत्कालीन उपराष्ट्रपति क्रमशः वी वी गिरि एवं बी डी जत्ती ने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था।

🐅 1960 में, जब राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद सोवियत संघ के 15 दिन की यात्रा में थे तथा 1961 में जब राजेंद्र प्रसाद काफी अस्वस्थ थे। उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने दो बार राष्ट्रपति का पद संभाला था।

🐅 उपराष्ट्रपति, कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में अधिकतम 6 महीने तक कार्यभार संभाल सकता है। इस दौरान उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य नहीं करता है।

भारत के अब तक के उपराष्ट्रपति

क्र संउपराष्ट्रपतिकार्यकालविपक्ष
01डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन1952-1957निर्विरोध
02डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन1957-1962निर्विरोध
03डॉ जाकिर हुसैन1962-1967सामंत सिंह
04वराहगिरी वेंकट गिरी1967-1969प्रो हबीब
05गोपाल स्वरूप पाठक1969-1974एच वी कामत
06बीडी जत्ती1974-1979एन ई होरो
07मु हिदायतुल्ला1979-1984निर्विरोध
08आर वेंकटरमन1984 -1987बीसी कांबली
09डॉ शंकरदयाल शर्मा1987-1992निर्विरोध
10के आर नारायण1993-1997काका जोगिंदर सिंह
11कृष्णकांत1997-2002सुरजीत सिंह बरनाला
12भैरोंसिंह शेखावत2002-2007सुशील कुमार शिंदे
13.हामिद अंसारी2007-2012नजमा हेपतुल्ला
14हमिद अंसारी2012 -2017जसवंत सिंह
15वेंकैया नायडू2017-2022गोपाल कृष्ण गांधी
16जगदीप धनखड़2022 से अबतकमार्गरेट अल्वा

Important Facts Of Vice President

💪 मूल संविधान में यह व्यवस्था थी कि उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के द्वारा किया जाएगा। 11वी संविधान संशोधन, 1961 के द्वारा संयुक्त बैठक से उपराष्ट्रपति की प्रक्रिया को हटा दिया गया।

💪 राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम 1952 में पारित किया गया था जिसे 1997 में संशोधित किया गया है।

💪 पहली बार उपराष्ट्रपति का चुनाव 1952 में हुआ था।

💪 डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और मो हामिद अंसारी दो ऐसे उपराष्ट्रपति हुए जिन्होंने दो बार उपराष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाला।

💪 कृष्णकांत एकमात्र ऐसे उपराष्ट्रपति हुए हैं जिनकी मृत्यु कार्यकाल में हुआ है।

💪 डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति थे जो दो बार (1952 और 2957) उपराष्ट्रपति चुने गए और दोनों बार निर्विरोध उपराष्ट्रपति बने। इनके अलावा एम हिदायतुल्ला और डॉ शंकर दयाल शर्मा निर्विरोध उपराष्ट्रपति बन चुके हैं।

💪 अभी तक भारत के इतिहास में कोई महिला उपराष्ट्रपति नहीं बनी है। नजमा हेपतुल्ला और मार्ग्रेट अल्वा है जिन्होंने उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ी है|

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