Protected: JPSC PT (Arts & Culture 10) झारखंड की शिल्पकला | Handicrafts Of Jharkhand
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Continue ReadingEducation, Politics and Sports Blog in Hindi
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Continue ReadingBiography of Bhuvaneshwar Dutt Sharma भुवनेश्वर व्याकुल की जीवनी जीवन परिचय भुवनेश्वर व्याकुल की जीवनी जन्म:- 2 फरवरी 1908 मृत्यु :- 17 सितंबर 1984 जन्म स्थान:- महथाडीह गिरिडीह पिता:- बलदेव प्रसाद उपाध्याय उपनाम – व्याकुल और राष्ट्रीय कवि( यह नाम हजारीबाग के पूर्व सांसद और […]
Continue ReadingFamous Khortha Writer खोरठा के प्रसिध्द कवि दलेल सिंह ये रामगढ़ राज्य के राजा थे। इन्होंने अपने पिता रामसिंह के नाम पर रामगढ़ किले का निर्माण कराया था। इसे खोरठा के प्रथम कवि कहा जाता हैं। इनके द्वारा लिखित उपन्यास “शिवसागर” को खोरठा का प्रथम काव्य-ग्रंथ कहा जाता हैं। राम रसावन, गोविंद लीलामृत, राजा रहस्य […]
Continue ReadingVishwanath Dasoundhi Raaj विश्वनाथ दसौंधी की जीवनी विश्वनाथ दासौंधी की जीवनी परिचय जन्म :- 15 April, 1943 मृत्यु :- 16 अक्टूबर 2009 जन्म स्थान :- भट्टमुरना, धनबाद पिता :- मुखराम दसौन्धि शिक्षा :- M.A in Hindi Hons. , Diploma In Education प्रारंभिक जीवन यह एक खोरठा और हिंदी लेखक हैं जिन्होंने बहुत […]
Continue Readingयूनेस्को विश्व विरासत स्थल UNESCO Heritage Of India At present there are 40 UNESCO World Heritage Sites in India.Out of 40 World Heritage Sites, there are 32 Cultural World Heritage Sites., 7 Natural World Heritage Sites & one mixed World Heritage Sites Cultural World Heritage Sites 🌹 Agra Fort, Agra (1983) 🌹Ellora Caves, Maharashtra (1983) […]
Continue Readingउपेक्षित कर्ण उद्भासाल कर्ण परिचय – लेखक – श्रीनिवास पानुरी भाषा: खोरठा लिपि – देवनागरी विषय: महाभारत में कर्ण का जीवन और युद्ध मुख्य पात्र: कुंती, कर्ण, भगवान सूर्य द्वारा लिखा गया एक खोरठा नाटक है। यह नाटक 1963 में लिखा गया था। और इसका पहला दृश्य कुंती को भगवान सूर्य से बात करते हुए […]
Continue ReadingShivnath Pramanik शिवनाथ प्रमाणिक की जीवनी जन्म– 13 जनवरी 1950, बईदमारा गांव (बाघमारा) बोकारो पिता का नाम :- मुरलीधर प्रमाणिक माता का नाम :- तिनकी देवी शिक्षा :- 📕 इंटर [ डी ए वी चंद्रपुरा, बोकारो(1968 – 70) 📕 सनातक [ नीजी कॉलेज (1970-73) 📕 पत्रकारिता एवं लेबर ऑफिसर में डिप्लोमा( 1974) 📕गृह मंत्री […]
Continue ReadingTribes Of Jharkhand Chero Tribe चेरो जनजाति परिचय झारखंड में इसका मुख्य जमाव पलामू क्षेत्र में पाई जाती है। राँची और हज़ारीबाग जिले में भी इसकी अच्छी जनसंख्या है। ये स्वयं को च्यवन ऋषि के संतान मानते है। ये अपने को चौहान राजपूत मानते है। मुंडा और पुराणों की तरह ही करो भी अपने उपनाम […]
Continue Readingकिसान जनजाति Kisan Tribe किसान जनजाति परिचय – उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के baad झारखंड में किसान जनजाति की सबसे ज्यादा जनसंख्या है। ये परंपरागत किसान होते है तथा वन्य उत्पाद विशेषकर लकड़ी बेचकर अपनी जीविका चलाते है। झारखंड में इसका मुख्य जमाव लातेहार और गुमला जिला में है। इस जनजाति का मूल भाषा का […]
Continue ReadingHistory Of Rashtrakut Dynasty राष्ट्रकूट वंश का इतिहास परिचय 753 ईसवी में दंतीदुर्गा ने चालुक्य वंश के अंतिम राजा कीर्तिवर्मन द्वितीय को पराजित करके स्वयं को स्वतंत्र राजा घोषित कर दिया था। दंतीदुर्गा के द्वारा ही राष्ट्रकूट वंश की स्थापना की गई थी जिस की प्रारंभिक राजधानी मयूरखिड़ी (महाराष्ट्र) में थी। बाद में अमोघवर्ष प्रथम […]
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