Protected: Binjhia Tribes Detailed Study | बिंझिया जनजाति का विस्तृत अधध्यन
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Continue ReadingEducation, Politics and Sports Blog in Hindi
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Continue Readingझारखंड स्थानीय स्वशासन झारखंड पंचायतीराज व्यवस्था परिचय – झारखंड पंचायती राज्य अधिनियम 2001 में पारित हुआ है। झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था लागू है जिला स्तर पर जिला परिषद, प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति और ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत। झारखंड में पहला पंचायती चुनाव 2010 में तथा दूसरा पंचायती चुनाव 2015 में हुआ […]
Continue ReadingTribes Of Jarkhand Parhia Tribe परहिया जनजाति यह झारखंड की एक लघु जनजाति है। झारखंड में यह जनजाति पलामू के पहाड़ों में निवास करती है। ये झाला (झोपड़ीनुमा घर) मे निवास करते है। इसकी सबसे ज्यादा जनसंख्या उत्तर प्रदेश (सोनभद्र) में पाई जाती है। पहले ये घुमक्कड़ प्रवृत्ति के थे, अभी स्थायी जीवन जीते है। […]
Continue ReadingTribes Of Jharkhand Sabar Tribes सबर जनजाति परिचय – सबर झारखंड की एक लघु जनजाति है 2011 के जनगणना के आधार पर झारखंड में इसकी जनसंख्या मात्र 9688 है जो कुल जनसंख्या की 0.11% है। इसकी सर्वाधिक जनसंख्या उड़ीसा में पाई जाती है। झारखंड में उड़ीसा से सटे क्षेत्र में इनकी जनसंख्या पाई जाती है। इसकी […]
Continue Readingझारखंड के जनजाति Birjia Tribes बिरजिया जनजाति परिचय बिरजिया का शाब्दिक अर्थ जंगल का मछली होता है। बिर का अर्थ जंगल और जिया का मतलब मछली होता है। यह झारखंड की प्राचीनतम आदिम जनजाति है। ये जनजाति खुद को पुण्डरीक नाग का वंशज मानते है। झारखंड सरकार ने जनजातीय वर्गीकरण में इसे सदान समूह और […]
Continue Readingझारखंड के जनजाति Ho Tribe हो जनजाति झारखंड की चौथी बड़ी जनजाति हो है। इसकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 92,82,89 है जो राज्य की जनजातीय जनसंख्या का 10.74 प्रतिशत है। भारत मे हो जनजाति की सबसे बड़ी जनसंख्या झारखंड में पाई जाती है। इसके बाद उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में इसकी जनसंख्या सबसे […]
Continue Readingझारखंड के जनजाति Bhumij Tribe भूमिज जनजाति परिचय भारत मे भूमिज जनजाति की सबसे ज्यादा जनसंख्या पश्चिम बंगाल में है। इसके बाद क्रमशः उड़ीसा, असम और झारखंड में है। झारखंड में इसका मुख्य जमाव सिंहभूम क्षेत्र में पाया जाता है। इसके अलावा भूमिज़ो की राँची, धनबाद और हज़ारीबाग में अच्छी-खासी जनसंख्या है। भूमिज प्रोटो-ऑस्ट्रलोयड प्रजातीय […]
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Continue Readingगया मुंडा की जीवनी गया मुंडा का जन्म खूँटी जिला के ऐटकीडीह गाँव मे हुआ था। गया मुंडा मुंडा उलगुलान के प्रधान सेनापति थे। ये उम्र में बिरसा मुंडा से काफी बड़े थे। ये सरदारी आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका में रहे थे। गया मुंडा को परंपरागत हथियार चलाने में महारथ हासिल था। यह हमेशा […]
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