Protected: JPSC PT (Revolt 1) ढाल विद्रोह के कारण, विस्तार और परिणाम | Dhal Revolt Reason, Extent & Outcom
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Continue ReadingEducation, Politics and Sports Blog in Hindi
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Continue Readingबुधु भगत परिचय – बुधु भगत का जन्म राँची जिला के चान्हो प्रखंड के सिलगाई गाँव मे 17 फरवरी 1792 में एक उराँव किसान परिवार में हुआ था। कोल विद्रोह (1831-32) के दौरान जब 11 दिसंबर 1831 में तमाड़ के आदिवासियों ने अंग्रेजो, जमींदारों, ठेकेदारों, महाजनों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूँका तब इन्होंने सिलगाई […]
Continue Readingतेलंगा खड़िया की जीवनी इनका जन्म 09 फरवरी 1806 को गुमला जिला (उस समय लोहारदग्गा जिला) के सिसई प्रखंड के मुरगु गाँव ( उस समय मुरुनगुर) में एक पाहन परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम ठुईया खड़िया था जो रातू के नागवंशी राजा देवनाथ शाह और गोविन्दनाथ शाह के यहाँ भंडारी के पद […]
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Continue Readingझारखंड के जनजाति Gond Tribes गोंड जनजाति परिचय भारत मे भील के बाद सबसे बड़ी दूसरी जनजाति गोंड है। गोंड की सबसे ज्यादा जनसंख्या मध्य प्रदेश में है। झारखंड में गोंड जनजाति का जमाव दक्षिण भाग में है। ये गुमला सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसवाँ में पाए जाते। पलामू और राँची में भी इसकी […]
Continue Readingखोरठा ! हाय ! खोरठा (पुस्तक:- आँखिक गीत कविता संख्या-33) खोरठा ! हाय ! खोरठा रटते रहली गान ई बटे कहाँ किंतु खोरठा भाषीक धेयान मायक उपर ममता नॉय श्रद्धा भक्ति प्यार उ तो ई धरती एगो रंगे डूबल सियार देही ओढ़ल बाघेक चाम दीन, दुर्बल प्राण धोबीक कुकुर घरेक न घाटेक अमृत छोइड़ लालसा […]
Continue Readingआँखिक गीत (पुस्तक) आँखिक गीत Ankhik git कविता संख्या 51 शीर्षक: नॉच बांदर नॉच रे नॉच बांदर नॉच रे मोर चांहे बॉंच रे तोर खातिर सुसनी साग हमर खातिर माछ रे नॉच बांदर नॉच रे मोर चांहे बॉंच रे हमर खातिर सोना चाँदी तोर खातिर काँच रे नॉच बांदर नॉच रे मोर चांहे बॉंच रे […]
Continue Readingझारखंड जनजातीय परिचय Jharkhand Tribes Introduction झारखंड में कुल 32 जनजातियाँ है। झारखंड के निर्माण के समय 30 जनजातियाँ थी। 8 जनवरी 2003 में कवर और कोल को शामिल करने के बाद जनजातियों की संख्या 32 हो गई। झारखंड की 32 जनजातियाँ निम्न है:- 1) संताल 2) उराँव 3) मुंडा 4) हो 5) खरवार 6) […]
Continue ReadingShrinivas Panuri Biography श्रीनिवास पानुरी की जीवनी श्रीनिवास पानुरी का जन्म 25 दिसंबर 1920 में धनबाद जिला के बरवाअड्डा (कल्याणपुर) में हुआ था। इनके पिता का नाम शालिग्राम पानुरी और माता का नाम दुखनी देवी है। इनके पत्नी का नाम मूर्ति देवी था। इनकी मृत्यु 7 October 1986 में हृदयगति रुक जाने के कारण हुई। […]
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